ब्रेकिंग
प्रतापगढ़ में समझौते के बाद भी हुआ कत्ल! 15 साल पुरानी रंजिश में सलीम की गोली मारकर हत्या, दहला मांध... प्रतापगढ़ का 'द केरल स्टोरी': 12 साल बाद 'शेर अली' से फिर संतोष शुक्ल बने, मंत्रोच्चार के बीच हुई घर... पूरे बेंदुआ में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन हुआ। कुंडा में चरमराती कानून-व्यवस्था! जाम से जकड़ा शहर, अवैध गतिविधियों की चर्चाएं तेज—नवागत कोतवाल मनोज... उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रतापगढ़ की मांधाता इकाई द्वारा विकासखंड मुख्यालय पर कार्यशाला स... करुणा शंकर मिश्र अध्यक्ष और कौशलेश त्रिपाठी बने महामंत्री CBSE बोर्ड परीक्षा: कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ 12वीं फिजिक्स का पेपर, शिक्षकों ने बढ़ाया छात्रों का ... संग्रामगढ़ में 3 दिन से लापता युवक का शव तालाब में मिला, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम प्रदेश सरकार की दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी का प्रदर्शन। और अब विश्वविद्यालय की परीक्षा में चंद्रगुप्त मौर्य की जाति पर सवाल पूंछे गए।
Uncategorizedउत्तरप्रदेशप्रयागराज

बिना मान्यता संचालित हो रहे स्कूलों मे भविष्य तलाशता अभिवावक

फाफामऊ क्षेत्र मे बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालय

बिना मान्यता संचालित हो रहे स्कूलों मे भविष्य तलाशता अभिवावक

  • फाफामऊ क्षेत्र मे बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालय

प्रयागराज, अपने लाडले का भविष्य बने इसके लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है उसकी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और बढ़िया स्कूल जहाँ संस्कार और शिक्षा उसे देश का जिम्मेदार नागरिक बनाया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र मे चकाचौंध के दम पर संचालित हो रहे स्कूल क्या इस कसौटी पर खरे उतर रहे है ये मंथन का विषय अवश्य है। विद्यालयों की व्यवस्था के प्रति केंद्र और राज्य सरकार ने शिक्षा बोर्ड का गठन किया है। लेकिन मिली भगत और रसूख के दम पर बिना मान्यता प्राप्त किये स्कूल कसौटी पर कितना खरे उतर रहे है।

फाफामऊ क्षेत्र मे सीबीएससी के नाम पर संचालित है दर्जनों स्कूल

फाफामऊ क्षेत्र मे दर्जनों स्कूल ऐसे है जो सिर्फ बोर्ड लगाकर काम कर रहे है उन्हे मान्यता आज तक नही मिली, शिक्षा विभाग के सूत्र बताते है की शांतिपूरम और फाफामऊ मे सिर्फ 3 स्कूलों के पास सी बी एस सी बोर्ड की मान्यता है बाकी ऐसे ही चलाये जा रहे हैं। जहाँ आपके लाडले का भविष्य दांव पर लगा है लेकिन आप तक ये जानकारी नही है की जिन्हे आपने भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी सौपी है वो खुद हवा हवाई है।

झकास बिल्डिंग और चका चौंध व्यवस्था मे अभिवावक इनका शिकार हो रहा है, एडमिशन के नाम पर, ड्रेस के नाम पर, फीस के नाम पर जमकर वसूली की जा रही है। अब इस पर लगाम कैसे लगेगा कौन इन फर्जी स्कूलों पर कार्यवाई करेगा ये सोचने का विषय है।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button